बेटमा के 30 हजार घरों में चूल्हा नहीं सुलगा, महाभोज

· Indore

बेटमा के 30 हजार घरों में चूल्हा नहीं सुलगा, महाभोज

बेटमा। नवरात्रि के समापन पर यहां अन्नपूर्णा मंदिर के सामूहिक-भोज की वजह से करीब तीस हजार परिवारों ने चूल्हा नहीं सुलगाया। यह अपने तरह की अनोखी परम्परा सात साल से है।

इस भंडारा में पूरा गांव सहयोग करता है। रात को किसी भी घर में भोजन नहीं बनता है। आसपास के गांवों से भी लोग आ जाते हैं और जीम कर जाते हैं।

यह परम्परा 2019 से शुरू की गई है कि पूरा गांव साथ भोज खाएगा। पहली बार में 15 हजार लोग शामिल हुए थे, जो इस बार तीस हजार पार हैं।

बताते हैं शुरुआत में 20 क्विंटल आटा, 40 डिब्बे तेल, 15 डिब्बे देशी घी और 5 क्विंटल शकर लगी थी। इस बार तो आटा ही 40 क्विंटल लगा है। वैसे बेटमा की आबादी सत्रह हजार है, लेकिन पास के गांव से भी चूल्हा बंद कर भोज में शामिल होते हैं। सब्जियां ही ट्रकों में लाई जाती हैं।

नवरात्रि के दौरान मंदिर में जो चढ़ावा आता है, उससे ही भण्डारा का खर्च निकाला जाता है। अलग से न तो दान लिया जाता है और ना ही चंदा-वसूली होती है।

तीन दिन पहले से भोजन बनने लगता है। सबसे पहले सेंव बनाई जाती है। पहले से ही सूचना दी जाती है कि फलां दिन महाभोज है, घर के चूल्हे बंद रखें।