जीतू ने बोला तो जागे!

कुणाल सोलंकी पर हुई एफआईआर के बाद कांग्रेस ने तो सुस्ती पकड़ रखी थी, लेकिन जीतू पटवारी की फटकार के बाद जागे हैं। अफसरों से मुलाकात की है, रिपोर्ट का विरोध किया है और कुणाल के साथ खड़े होने का दिखावा ताकत से हो गया है, जबकि पहले भी सब कुछ किया जा सकता था, लेकिन नहीं किया गया। वैसे काम तो नेता प्रतिपक्ष का है कि अपने पार्षद के लिए लड़ें, लेकिन जब से सोनिला मिमरोट को बनाया गया है, उनसे कुछ हो ही नहीं रहा है। हालांकि, कुणाल ने जब सड़क पकड़ी है, मिमरोट साथ दिखाई दी हैं, लेकिन जब बात लड़ने की आती है, तो कांग्रेसी हमेशा बाद में लकीर पीटते दिखाई देते हैं। मौके पर कुछ कर नहीं पाते हैं। फिर सारे पार्षद भी नहीं थे, क्योंकि बुलाया ही नहीं गया, जबकि मामला पार्षद का ही था। पटवारी के कहने पर चिंटू ने अफसरों से बात कर ली है, कुछ गरमी भी दिखाई है, लेकिन रिपोर्ट तो वापस होगी, लगता नहीं है। वैसे कुणाल में तमाशा करने का पूरा हुनर है और रिपोर्ट को भुनाने निकल पड़े हैं। इलाके में चीख-पुकार कर रहे हैं कि लोगों की लड़ाई के लिए मुझ पर मुकदमा लगा है। अब इसका कितना फायदा मिलेगा, आगे पता चलेगा। पर कांग्रेस जागी तो पटवारी के कहने पर ही है, क्योंकि कुणाल उनके पार्षद हैं और करीब भी हैं!